एक चेहरा
मासूम सा
अपनी आँखों में
लाखों सवाल लिए
परेशान करता है मुझे
हर रात मेरे ख़्वाब में
वो ख़्वाब
जो हक़ीकत से ज्यादा
हसीन है
वो अक्स और उसकी शख्शियत
मेरे लिए
मेरी रूह की पहचान सी है
मगर
उसके लिए
मई एक कल्पना का सागर हूँ
जिसकी गहराई
अथाह नहीं
वरन
अगाध है
उसकी आँखों में जब जब मेरी आँखे ठहर हैं
ऐसा मालूम होता है
की उसका दर्द मेरी साँसों में समां सा रहा हो
और उसकी चित्कार
मेरे कानो में ऐसे गूँज रही हैं
जैसे
कोई नादान
खिलौने की
ख्वाहिश लिए
मेरी ओर
टकटकी लगाये
बड़ी आस से
बस घूरे जा रहा हो
अपने अधूरे ख्वाब के लिए......
मासूम सा
अपनी आँखों में
लाखों सवाल लिए
परेशान करता है मुझे
हर रात मेरे ख़्वाब में
वो ख़्वाब
जो हक़ीकत से ज्यादा
हसीन है
वो अक्स और उसकी शख्शियत
मेरे लिए
मेरी रूह की पहचान सी है
मगर
उसके लिए
मई एक कल्पना का सागर हूँ
जिसकी गहराई
अथाह नहीं
वरन
अगाध है
उसकी आँखों में जब जब मेरी आँखे ठहर हैं
ऐसा मालूम होता है
की उसका दर्द मेरी साँसों में समां सा रहा हो
और उसकी चित्कार
मेरे कानो में ऐसे गूँज रही हैं
जैसे
कोई नादान
खिलौने की
ख्वाहिश लिए
मेरी ओर
टकटकी लगाये
बड़ी आस से
बस घूरे जा रहा हो
अपने अधूरे ख्वाब के लिए......
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