हाय फेसबुक
26/12/2010
हाँ यही वो तारीख है
जब पहली बार
तुमसे मेरा सामना हुआ था
दीपक ने ही तुमसे रूबरू होकर
तुम्हे अपनाने की सलाह दी थी
वरना
मैं तो Orkut में ही बहुत खुश था
मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूँ
की तुमने मुझे एक
ज़रिया दिया
अपनी बात लोगों तक पहुचाने का
देर-सबेर अपनों से जुड़ने का
Thank You
उन दिनों मैं Sagar में था
जब तुम्हारा क्रेज़ चरम पर था
तब school friends को सर्च करना
मेरी पहली priority थी
धीरे धीरे मैं तुम में रम गया
और तुम्हारा हो गया
दिनभर स्टेटस डालना
राजनीति, धर्म और शोषण को
उजागर करने और लड़ने का
जैसे बीड़ा ले रखा हो
हफ्ते में 3-4 बार
Profile Picture चेंज करना
जैसे आम बात थी
मुझे आज भी याद है
BME का पेपर था
और मैंने लगातार
तुम्हारे साथ 28 घंटे बिताये थे
ये सब तो बहुत पुरानी बाते हैं
मगर तुमसे बहुत सारी यादें जुडी हैं
जैसे राहतगढ़ की Dust-Bin वाली Photo
wo रोज़ रोज़ का मुझे ब्लॉक करवा देना
सब तुम्हारी चाल थी न??
जनता हूँ मैं
मेरी साड़ी poems
भले बिना सर-पैर की होती थी
तुमने हमेशा उसे दूसरों को सुनाया है
Thanx
मगर Facebook
बीते कुछ दिनों तुमने
एक और एहसास कराया
एक सच
की तुम
तुम नहीं हो
बहुत उलझन में था उस दिन
जब तुम्हारे पास आया था
मगर तुम
जो की सिर्फ एक
छलावा हो
इस दुनिया के दर्द से दूर भागने का
उस दिन भी बस
मुझे दिलासा दे रहे थे
कि
मैं अपनी उलझनों को प्रदर्शित कर दूँ
मगर
मैं औरो की तरह
तुम्हारे इस N/W में
हाँ-हाँ जाल में
फसने वाला नहीं
समझे न
तुम एक झूठ हो
जिसे सब अपनाना चाहते हैं
क्यूंकि सबको पता है
वास्तविकता बहुत भयावह
और अराजक सी है
और तुम्हारा काल्पनिक संसार
उन्हें कुछ पलो का
सुकून देता है
एक उम्मीद देता है
एक खुसी देता है
मगर सब झूठ
अरे
तुम्हारा वजूद
और अस्तित्व ही क्या
जो मुझे जानते हैं
वो जानते हैं
की तुमसे बड़ा झूठ हूँ मैं
अरे लोग तो
मुझे pinch करके चेक करते हैं
की मैं हूँ भी या नहीं
तो फिर
इसलिए मैं जा रहा हूँ
हमेशा हमेशा के लिए
तुमसे दूर
झूठ से दूर
कल्पनाओं और भ्रम से दूर
एक सच के लिए
जहाँ
मुझसे नफरत करने वाले
मेरी आँखों में आँखे डालकर
कह सकेंगे
तुम बहुत बड़े चूतिया हो
उन्हें तुम्हारे कारण
झूठ नहीं बोलना पड़ेगा
जहा
मुझे तुम्हारे
notification का आदि नहीं होना पड़ेगा
अपनों का जन्मदिन याद रखने के लिए
मैंने समझ लिया
डूबने के बाद ही सही
की इंतज़ार करना बेकार है
यदि आग है
तो अंदर है
तुम सिर्फ छलावा हो
ढोंग हो
एक झूठ हो
दुआ करना मुलाक़ात न हो
क्योंकि हुयी
तो फिर तुम्हे मेरी जरुरत होगी
मुझे तुम्हारी नहीं
bye bye
अलविदा Facebook...
-अभिषेक (King Of Hearts)
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