Lion Of Thoughts
Wednesday, 11 August 2021
“ये मेरा देश है ग़ालिब”
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अरे ग़ालिब क्यों बेवक्त तुम मुझको छेड़ते हो अनजाने में ही सही पर तुम इतिहास को भेदते हो जिस से तुम अनभिज्ञ हो वो सत्य का परिमाप है ग़ालिब ज...
स्वतंत्रता: समझते भी हो आप??
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इस क़दर मत रूबरू हो खुद से ऐ ग़ालिब कि तू खुद को भी अनजान लगे ये जो "पर" हैं तेरे पर हैं नहीं तेरे आसरा हैं झूठ के पानी पे डूबत...
Saturday, 15 May 2021
चरित्र। चित्रण
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लोग कहानी को एक पूर्वधारणा से पढ़ते हैं तो निष्कर्ष तय हो जाता है मन मे। कहानी को खुले दिमाग से पढ़ने की जरूरत होती है। एक खलनायक की कहानी जब ...
राम नाम सत्य है..
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राम नाम सत्य है.. राम नाम सत्य है, सत्य बोलो मुक्ति है, जो निभाई जा रही है वो अंध भक्ति है, प्रजा मर रही सड़कों पर बिन साँसों के, फिर भी राज्...
वास्तविकता को झुठलाया नहीं जा सकता
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वास्तविकता को झुठलाया नहीं जा सकता हे कवि श्रेष्ठ व्याकुल हूँ बीते दिवस की रात्रि के द्वितीय पहर से तुम्हारी गरिमा तुम्हारी आभा कांति सारी ...
लोरी
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थक जाती है गुड़िया रानी, जबसे हुई ये बड़ी सयानी, तुम चुपके चुपके आया करो, इसको लोरी सुनाया करो ये जब थककर सो जाएगी तो ही मुझको नींद आएगी इसके ...
उस पार चलें..
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पहाड़ों के उस पार चलेंगे, हम तुम एक बार चलेंगे, नदियों की अविरल धाराओं में, ऊँचे घने सीना ताने तरुओं में इन इमारती मकानों से दूर, हम तब बेफिक...
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